पहली नहीं दूसरी नजर में हुआ प्यार


विगत सप्ताह चकाचैंध की दुनिया मे सबसे ज्यादा चर्चित रही शोएब मलिक और सानिया मिर्जा की शादी। जिस अचानक झोंके के साथ इन दोंनो के की खबर उड़ी उतनी ही तेजी से विवादों के बवंडर में घिरती भी नजर आई, पर अंत भला तो सब भला। तमाम विवादों से निकलते हुअ अंत में दोनों का निकाह हो गया। वे एक-दूजे के बन गए। पर सबसे रहस्य यह रहा हैं कि कैसे शोएब मलिक, सानिया मिर्जा के दिल में जगह बना गए और दुनिया को खबर हो न लगी। लेकिन अब इस रहस्य से ही पर्दा उठ गया है। शोएब का कहना है सानिया से उनकी मुलाकात सन् 2004-05 में नई दिल्ली में मैच खेल रहा था। उसी समय सानिया भी फेडरेशन कप खेलने दिल्ली आई हुई थी। संयोग से हम दोनों एक ही होटल में ठहरे हुए थे। में होटल के नीचे से बाल कटवाकर आ रहा था और सानिया अभ्यास के लिए जा रही थीं। तभी हम दोनों की नजरें एक दूसरे से मिली और मैं अपना दिल सानिया को दे बैठा। पर बात यहीं तक रह गई। इसके बाद जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने सन् 2006-07 में भारत दौरा किया तो मोहाली में सानिया अपने परिवार के साथ मैच देखने मोहाली पहुंच गई। फिर हम दोनों के बीच आंख मिली। यहां दोनों की आंखों में प्यार का इजहार था। मैच के बाद मैनें बकार यूनिस तथा टीम के टेªनर से दिल की बात बताई। वे दोनों सानिया से मिले। बाद में उनके परिवार के साथ में रात के खाने में सम्मिलित हुआ। फिर दूसरी नजर का प्यार परवार लेने लगा। हालांकि तीन साल तक लगातार हम दोनों के खेल में वयस्त रहने के कारण न तो खास बात हो पाई और न लंबी मुलाकात। जब मैं इस वर्श आस्ट्रेलिया से लौटकर पाकिस्तान आया तो अपने परिवार से साफ कर दिया कि भारत की सानिया मिर्जा उनकी मुहब्बत हैं और उनसे शादी करना चाहता हूं। इसके बाद शोएब ने सानिया से बात की और दोनों के परिवार वालों ने एक दूसरे के परिवार से बात-चीत की। मामला बन गया। सानिया ने तत्काल सोहराब मिर्जा से अपनी सगाई तोड़ दी और उन दोनों की षादी तय हो गई, तभी आयशा सिद्दिकी का ऐसा बांउसर आया कि षोएब मलिक घबरा उठे। दोनों के परिवार वालों सगे-संबंधियों एवं परिचितों की मध्यस्थता से उनके निकाह को अंजाम दिया जा सका। इस निकाह से सानिया भी खुश हैं। आयशा सिद्दिकी के मामले में उनका यही कहना है कि हर व्यक्ति का अपना अतीत होता है। शोएब का भी एक अतीत था। मैं और मेरे परिवारवाले इसे जानते थे। मीडिया ने जो कुछ दिखाया, वह सब सच नहीं था। शोएब ने मुझे धोखा नहीं दिया। अब सानिया और शोएब की शादी को भारत तथा पाकिस्तान के लोग सही करार दे रहे हैं। भारत के कुछ लोग तो भारत और पाकिस्तान के बीच एक सौहार्द-संपई के रूप में इसे देख रहे हैं। पर देश के अंधिकांश लोग इस उत्तर की तलाश में भी हैं कि जब शोएब से सानिया का प्यार सन् 2004 में ही परवान चढ़ने लगा था तो उसके बाद सोहराब मिर्जा से सगाई कर सानिया ने सोहराब मिर्जा को ‘बलि का बकरा’ क्यों बनाया और शोएब मलिक ने सन् 2004 के बाद आएशा सिद्दिकी से तलाक क्यों नहीं लिया। चूंकि प्यार दूसरी नजर में हुआ था, इसलिए सानिया को भी दूसरी बीवी बनना पड़ा।

-जगदीश सहाय

Category:
Reactions: 

0 comments:

Post a Comment