गडकरी की गडमड, मोल-तोल के बोल

राजनीति अपनी शर्म की हदों के पार निकल रही है। बयानबाजी में कोई शर्म शेष नहीं है। बीती 12 मई की तारीख तो शायद भारतीय राजनीति के इतिहास में बयानों लेकर सबसे ज्यादा शर्मनाक तारीख रही। हद पार करने वाला बयान रहा भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी का, गडकरी ने चंड़ीगढ़ में एक सभा को संबोधित करते हुए फिल्मी अंदाज में कहा कि जब भी जी चाहे। नई दुनिया बसा लेते हैं लोग, एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते हैं लोग। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने फिल्मी गीत की यह लाइनें सुनाते हुए मुलायम सिंह और लालू प्रसाद की तुलना कुत्ते से की। गडकरी ने कहा कि मुलायम और लालू वैसे शेर बनते हैं, लेकिन सी बी आई का डंडा चलते ही सोनिया और कांग्रेस की शरण में पहुँच जाते हैं, ये लोग इनके तलवे चाटने वाले हैं, इनके अन्दर विरोध की ताकत नहीं है, एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष का यह बयान तुरंत एक बड़े भूचाल का कारण बन गया, देखते ही देखते बयान आने लगे। गडकरी के बयान के तुरंत बाद समाजवादी नेता अबू आजमी ने उनके बयान की निंदा करते हुए उन्हें ही तलवा चाटने वाला कह डाला। उन्होंने कहा कि यह बात शायद उन्हें नहीं मालूम है कि वे खुद आडवाणी का तलवा चाटकर दिल्ली तक पहुंच पाए हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को यही उम्मीद है कि ऐसे ओछे नेता इसी तरह की बयानबाजी कर सकते हैं। अब ये एक अलग बात है कि अबू आजमी के बयान को देखते हुए उन्हें ओछा कहा जाना चाहिए कि नहीं। सपा की ही अम्बिका चैधरी ने कहा कि गडकरी के बयान पर पूरी भाजपा को शर्मिंदगी होनी चाहिए। हालाँकि उन्होंने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है, लेकिन अब खुद उनपर भी एक मुहावरा लागू होता है ‘थूककर चाटना’। अब उन्होंने थूककर चाट लिया है। यह भी सोचने कि ही बात है कि अम्बिका के इस बयान को कितना संसदीय और अच्छा माना जा सकता है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह तो बीजेपी की पुरानी रणनीति है। आरएसएस हो या वीएचपी दोनों यही सिखाते हैं कि हमेशा गलत बयानबाजी करके हाईलाइट में रहो। आज तक इन संगठनों ने किसी भी विकास के मुद्दे को नहीं उठाया। उधर दूसरी तरफ हमेशा से बयानों को लेकर विवाद में रहने वाले कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने अपने एक बयान में कहा कि देश में जितनी भी आतंकवादी घटनाएं हुईं उनके लिए वीएचपी और आरएसएस जिम्मेदार है। उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता आडवाणी को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि बीजेपी शासन काल में जितनी भी दहशतगर्ती हुई उन सबके पीछे सिर्फ और सिर्फ आडवाणी ही जिम्मेदार हैं।
दिग्विजय के बयान के जवाब में भाजपा के नेता वेंकैया नायडू ने कहा कि अब तो इस तरह की बयानबाजी करना उनकी आदत बन चुकी है, उनका अपने जुबान पर कंट्रोल अब नहीं रहा। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा था कि यूपीए आधी आतंकी है और आधी माओवादी।
राजनीति में अब इस तरह के बयान बहुत बड़ी बात नहीं रही। पिछले साल कांग्रेस की ही रीता बहुगुणा जोशी का मायावती के खिलाफ दिया हुआ विवादास्पाद बयान भी सुर्खियों में रहा था। किसी कि कमीज पर कीचड़ फेंककर अपनी कमीज को ज्यादा साफ दिखाने की यह राजनीति यह जनता अब और बर्दाश्त करने की हालत में नहीं है. परिवर्तन अपेक्षित है।

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